हरेला पर्व पर सीएम धामी का पर्यावरण संदेश, यमकेश्वर में किया पौधरोपण, धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड का भी किया भ्रमण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के पावन अवसर पर पौड़ी गढ़वाल जनपद के यमकेश्वर स्थित मालाग्राम पहुंचकर पौधरोपण किया और प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरित उत्तराखंड का संकल्प तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, समृद्ध और संतुलित पर्यावरण के निर्माण के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है और हरेला जैसे पारंपरिक पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ने की प्रेरणा देते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यमकेश्वर स्थित श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय का भी भ्रमण किया। उन्होंने वहां संरक्षित दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों, आयुर्वेद आधारित अनुसंधान गतिविधियों और नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक अनुसंधान के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड औषधीय पौधों और प्राकृतिक संपदा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की अपार क्षमता रखता है।

कार्यक्रम में यमकेश्वर विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, योग गुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, औषधीय पौधों के संवर्धन और हरित उत्तराखंड के संकल्प को नई मजबूती मिली।

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